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CWG 2022: मुक्केबाज पिता का जो सपना रह गया था अधूरा, उसे जेरेमी ने किया पूरा; अब गोल्ड जीतकर बढ़ाया तिरंगे का मान

ByNEWS OR KAMI

Aug 10, 2022
CWG 2022: मुक्केबाज पिता का जो सपना रह गया था अधूरा, उसे जेरेमी ने किया पूरा; अब गोल्ड जीतकर बढ़ाया तिरंगे का मान

नई दिल्ली. भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टर कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं. दूसरे दिन चार पदकों के बाद तीसरे दिन 19 साल के मिजोरम के वेटलिफ्टर जेरेमी लालरिनुंगा ने 67 किलोग्राम भारवर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. जैरेमी ने स्नैच की शुरुआत 136 किलोग्राम वजन के साथ की और पहले ही प्रयास में उन्होंने ये वेट उठा लिया. दूसरे प्रयास में उन्होंने 140 किलोग्राम का भार उठाया. ये कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड है. जेरेमी ने तीसरी कोशिश में 143 किलो वजन उठाने की है, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए. हालांकि, वो गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे. पिछले साल कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में 141 किलोग्राम का भार उठाया था. उन्होंने 305 (141+164 KG) किलोग्राम वजन उठाकर इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीता था.

जेरेमी का जन्म आइजॉल में हुआ है. खेल उनके खून में है, क्योंकि उनके पिता बॉक्सिंग के जूनियर नेशनल चैम्पियन रहे हैं. जेरेमी और उनके चारों भाई पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए स्पोर्ट्स में उतरे. जेरेमी ने भी मक्केबाजी से शुरुआत की थी. लेकिन, बाद में वेटलिफ्टिंग की तरफ झुकाव हो गया. उन्होंने एक इंटरव्यू में इसकी वजह भी बताई थी. जेरेमी ने कहा था, मेरे गांव में एक एकेडमी है, जहां कोच वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग देते हैं. मैंने अपने दोस्तों को वेटिफ्टिंग करते देखा तो मुझे लगा कि यह दमखम का खेल है, तो मुझे भी इसमें उतरना चाहिए.

जेरेमी के पिता मुक्केबाज थे
जेरेमी के पिता का भारत की तरफ से मुक्केबाजी करने का सपना अधूरा रह गया था. उन्होंने भारत की तरफ से दो बार खेलने की कोशिश की.लेकिन, वो सफल नहीं हो पाए. लेकिन जेरेमी ने न सिर्फ पिता के इस सपने को पूरा किया. बल्कि यूथ ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर उन्हें गर्व करने का मौका दिया.

यूथ ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय
जेरेमी के करियर में तब बड़ा मोड़ आया, जब 2011 में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के ट्रायल में वो चुन लिए गए. यहीं से उनके प्रोफेशनल वेटलिफ्टर बनने की शुरुआत हुई. इसके बाद उन्होंने 2016 में वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप में 56 किलो वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता. 2017 की वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप में एक और सिल्वर मेडल जीता. 2018 उनके लिए यादगार साल रहा. उन्होंने जूनियर एशियन चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता.साथ ही अर्जेंटीना में यूथ ओलिंपक चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 62 किलो भारवर्ग में कुल 274 किलो (124kg + 150kg) उठाकर स्वर्ण पदक जीता था. वो यूथ ओलंपिक के इतिहास में गोल्ड मेडल जीतेन वाले पहले वेटलिफ्टर बने थे.

रोनाल्डो उनके पसंदीदा खिलाड़ी
जेरेमी को वेटलिफ्टिंग के अलावा फुटबॉल पसंद है और रोनाल्डो उनके फेवरेट खिलाड़ी हैं. वो रोनाल्डो को आदर्श के रूप में देखते हैं, क्योंकि पैसा और शोहरत होने के बावजूद रोनाल्डो अभी भी खेल में अपना 100 फीसदी देने के लिए जी-जान लगा देते हैं. उन्हें रोनाल्डो की यही बात प्रेरित करती है.

Tags: Commonwealth Games, Cwg, Indian weightlifter, Weightlifting

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