दिल्‍ली में शराब इतनी सस्‍ती कैसे? ठेकों पर ऑफर्स और डिस्‍काउंट का गणित समझ‍िए

दिल्‍ली में शराब ठेकों पर इन दिनों लंबी-लंबी लाइनें दिख रही हैं। वजह कई ठेकों पर डिस्काउंट रेट में शराब मिल रही है। हर वर्ग के लोग सस्ती शराब के चक्कर में लाइन में लगे दिखते हैं। कोई पेटी की पेटी खरीद कर ले जा रहा है तो कोई एक-दो बोतल में ही खुश है।

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दिल्‍ली के शराब के रेट्स इतने कम होने की वजह है कि नई एक्‍साइज पॉलिसी। राजधानी के ठेकों पर 40% डिस्‍काउंट के साथ शराब बिक रही है। इसके अलावा ‘एक लो एक मुफ्त’ का ऑफर भी जो पहले कभी नहीं हुआ। इस बीच एक फेक न्‍यूज भी वायरल हो रही है कि भारत सरकार ने ऐलान किया है कि शराब खरीद के लिए आधार या राशन कार्ड दिखाना जरूरी होगा। यह सच नहीं है। सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

दिल्‍ली में शराब के रेट इतने कम होने का नतीजा है कि ठेकों के बारे लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई जगह भीड़ कंट्रोल करने के लिए पुलिस तैनात की गई है। शराब के लिए लाइनों में मजदूरों की संख्‍या भी अच्‍छी-खासी है। इससे व्यापारियो में नाराजगी है। उनका कहना है कि कई मजदूर दुकान और फैक्ट्रियां छोड़कर शराब के ठेकों पर लाइन में लगे रहते हैं, जिससे बाजार का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के खिलाफ बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने तो मोर्चा खोल ही रखा है। व्यापारिक संस्था फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स असोसिएशन (फेस्टा) ने भी सस्ती दरों पर मिल रही शराब का विरोध जताया है।

फेस्टा के वाइस चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि दिल्ली में शराब की सेल बढ़ाने के लिए आकर्षक ऑफर निकाले जा रहे हैं। ठेकों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। दुकानों और फैक्ट्रियों के मजदूर कामकाज छोड़कर दिनभर शराब लेने के लिए ठेकों के बाहर लाइनों में खड़े हैं। इससे व्यापारियों को भी मजदूरों की समस्या हो रही है। जगह-जगह ठेके खुलने से ट्रेडर्स में नाराजगी बढ़ रही है।

दिल्‍ली में शराब

फेस्टा के प्रेजिडेंट राकेश यादव ने कहा कि सरकार डिस्काउंट ऑफर्स पर अंकुश लगा सकती है। आगामी निगम चुनाव और होली के मद्देनजर लोग शराब की बोतलें खरीद रहे हैं। ऐसे लोग भी शराब परचेज कर रहे हैं, जो खुद नहीं पीते। ये त्योहार या खास मौकों पर अपने मित्रों और संबंधियों को गिफ्ट करेंगे। यह परंपरा ठीक नहीं है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतपाल सिंह मंगा और उपाध्यक्ष पवन खंडेलवाल ने कहा कि सस्ती शराब से घर बर्बाद होंगे। फेस्टा के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली में जगह-जगह शराब के ठेके खुल रहे हैं। इससे समाज में अपराध बढ़ने की आशंका है। महिलाओं की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ सकती है। रिहायशी एरिये के साथ धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आस-पास भी ठेके खुले हैं।

  • नई शराब नीति के तहत शहर को 32 जोन में बांटा गया है जिससे शराब का समान वितरण रहे। हर वॉर्ड में दो दुकानें खोलने की बात कही गई है।
  • नई नीति के तहत 849 दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है, जिसमें से 564 खुल चुकी हैं। अगले कुछ दिनों में 134 दुकानें और खुल जाएंगी।
  • नई एक्साइज पॉलिसी में स्टोर्स को अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए गिफ्ट और डिस्काउंट्स देने की छूट दी गई है।
  • IGI एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक सेक्शन में स्टोर्स अब नए विकल्प के तौर पर उभरेंगे। पॉलिसी के मुताबिक डोमेस्टिक और इंटरनेशनल टर्मिनलों पर 10 स्टोर खोले जा सकते हैं।

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